अभिभावकों सावधान : स्कूली बच्चे हिंसक ऑनलाइन गेम्स की गिरफ्त में


  • अभिभावकों सावधान : स्कूली बच्चे हिंसक ऑनलाइन गेम्स की गिरफ्त में
    अभिभावकों सावधान : स्कूली बच्चे हिंसक ऑनलाइन गेम्स की गिरफ्त में
    नागपुर में बड़ी संख्या में बच्चे व किशोर पबजी समेत खतरनाक
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नागपुर : नागपुर में बड़ी संख्या में बच्चे व किशोर पबजी समेत खतरनाक और हिंसक ऑनलाइन खेलों की गिरफ्त में आ रहे है। बात है पबजी खेलने वाला शहर का दसवीं का छात्र कौशल (परिवर्तित नाम) का पिता के द्वारा मोबाइल छीन लेने से वह इतना आक्रामक हो गया कि परिवार वालो को खुद पूरी रात कमरे में बंद करके रखना पड़ा। वही दूसरे मामले में कक्षा नौवीं के छात्र ने पहले स्कुल जाना बंद कर दिया और स्कूल से शिकायत आने पर स्कूल में मारपीट और तोड़फोड़ की। इतनाही नहीं इसके बाद में घर में चीजें फेकना शुरू कर दिया। परिवार के जानकारी नुसार उसने अपनी मां को धमकी दी अगर उसकी बात नहीं सुनी गई तो वह या खुद को किसी और को नुकसान पहुंचा देगा। शहर के एक मनोचिकित्सक के अनुसार पिछले छह माह में उनके पास इन गेम्स के लत में बुरे फंसे ३० से ३५ मामले आये, जिसमे आधे पबजी गेम खेलनेवाले थे।

शहर में इन दिनों गेम के कारण बच्चों में अत्यधिक आक्रामक व्यवहार देखने मिल रहा है, तो कई बच्चे परिवार के नियंत्रण के बाहर हो जाने, पढ़ाई में पिछड़ने, स्कूल नहीं जाने, दिनभर चिड़चिड़ापन जैसी आदतों में पड गए है। बता दे सितंबर में पबजी खेलने की आदत से ग्रस्त एक लड़की के आत्महत्या कर ली थी। मनोवैज्ञानिको के अनुसार बच्चों में इस तरह के खतरनाक गेम के प्रति बढ़ते आकर्षण के कई कारण हैं। इनमें ऑनलाइन दुनिया में उनके मन की उन इच्छाओं का पूरा होना, जो वास्तविक जीवन में नहीं हों सकता। इसके साथ ही परिवार में अच्छा माहौल नहीं होना, माता-पिता के अत्यधिक व्यस्त होने के कारण बच्चों का अकेलापन, सामाजिक मेलजोल की कमी, किसी तरह का तनाव भी कारण होते हैं। साथ जल्दी पैसा कमाने की लालच भी युवाओं को गेम खेलने की ओर मोड़ रही है, पबजी जैसे गेम में करोड़ों रुपए जीतने की बातों से बच्चाें को लगता है कि आराम दायक जीवन बनाने के लिए पढ़ाई करने से ज्यादा अच्छा है कि पबजी खेलकर कुछ ही समय में करोड़ो कमाए जाए और कुछ दोस्तों के साथ भी इस आदत की गिरफ्त में आ जाते हैं। मनोवैज्ञानिक के मुताबिक बच्चों को इस तरह के खतरनाक गेम्स से दूर रखने के लिए अभिभावकों काे कुछ सावधानिया रखनी चाहिए। मोबाइल में कंट्रोलर एप रखें और बच्चे के उम्र के अनुसार सेट करें। इससे बच्चे की उम्र के उपयुक्त वीडियाे और गेम्स ही ऑन और डाऊनलोड होंगे। मोबादल में बैंकिग एप न रखें, अगर बैंकिग एप होगा तो सीधे कनेक्ट होने का खतरा रहता है। साथ ही माता-पिता को बच्चो के आपसी संबंध को अच्छा बनाने पर ध्यान देना चाहिए। बच्चों को किसी न किसी खेल-कूद से जोड़कर उन्हें पढ़ाई, स्पोर्ट के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।



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