६३ वे धम्मचक्र प्रवर्तन दिन की तैयारिया पूर्ण : बौद्ध अनुयायी पहुँच रहे दीक्षाभूमि


  • ६३ वे धम्मचक्र प्रवर्तन दिन की तैयारिया पूर्ण : बौद्ध अनुयायी पहुँच रहे दीक्षाभूमि
    ६३ वे धम्मचक्र प्रवर्तन दिन की तैयारिया पूर्ण : बौद्ध अनुयायी पहुँच रहे दीक्षाभूमि
    उपराजधानी में ८ अक्टुम्बर को मनाये जानेवाले ६३ वे धम्मचक्र प्रवर्तन दिन की तैयारिया लगभग पूर्ण हो चुकी है
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नागपुर : उपराजधानी में ८ अक्टुम्बर को मनाये जानेवाले ६३ वे धम्मचक्र प्रवर्तन दिन की तैयारिया लगभग पूर्ण हो चुकी है I बता दे की धम्मचक्र प्रवर्तन दिन के अवसर पर शहर के दीक्षाभूमि पर पुरे भारत ही नहीं बल्कि विदेश से लाखों अनुयायी पवित्र दीक्षाभूमि पहुंचते है I महाराष्ट्र राज्य सहित उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड से लाखो अनुयायि यहाँ शिरकत करते है I रविवार से ही बड़ी तादाद में अनुयायियों के यहाँ आने का सिलसिला शुरू हुवा है I अनुयायियो के सुरक्षा की दृष्टी से राज्य भर से पुलिस की टुकडिया यहाँ आयी हुवी है ।

धम्मचक्र प्रवर्तन दिन के लिए चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात रहेगी, साथ ही कई जगह दवाखाने भी लगाए गए है । अनुयायियो के रहने के लिए प्रशासन की ओर से दीक्षाभूमि के आस पास की स्कूलों और समाज भवनों में व्यवस्था की गई है I परिसर में खाने के स्टाल, पानी, भोजन दान की भी व्यवस्था की गई है I १४ अक्टूबर १९५६ में डॉ बाबासाहेब आंबेडकर ने नागपुर शहर के पवित्र दीक्षाभूमि पर अपने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी I  जिसके बाद से हर वर्ष लाखों की तादाद में बौद्ध अनुयायी बाबासाहेब को और भगवान् बुद्ध को नमन करने और इनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने यहाँ पहुंचते है I १४ अक्टूबर १९५६ को बाबासाहेब ने यहाँ बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी I लेकिन उस दिन दशहरा होने की वजह से हर साल अनुयाई दशहरे के दिन ही यहाँ पहुंचते है।



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