मनपा कर्मचारियों का सातवां वेतनमान अटका आचार संहिता में



नागपुर : राज्य सरकार ने अब तक मनपा कर्मचारियों के सातवें वेतनमान की सिफारिशों को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है। बता दे की मनपा सत्तापक्ष ने कर्मचारियों को जुलाई से सातवें वेतनमान का लाभ देने की घोषणा की थी जिसके चलते सितंबर से वेतन भुगतान करना तय था। इतनाही नहीं सभागृह में एकमत से प्रस्ताव पारित किया गया था। इसे लेकर कर्मचारियों ने मनपा में जश्न भी मनाया था, किन्तु कर्मचारियों के सारी खुशी पर पानी फिर गया  
जानकारी के अनुसार मनपा प्रशासन ने कर्मचारियों को सातवां वेतनमान की सिफारिश लागू करने के लिए २६ जुलाई २०१९ को जारी परिपत्रक पर रोक लगाते हुए कर्मचारियों को छठवें वेतनमान अनुसार ही वेतन देने का निर्णय लिया है।  मनपा के अतिरिक्त आयुक्त व प्रमुख लेखा व वित्त अधिकारी अजिज शेख ने इस संबंध में सभी विभाग प्रमुखों को परिपत्रक जारी कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। इस नएआदेश से कर्मचारियों में जबर्दस्त रोष है। आगामी सितंबर में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होना तय है। आचार संहिता के पहले इसे मंजूरी नहीं मिलती है तो ऐसे में यह नई सरकार बनने तक टलने की संभावना है। अब इस पर राजनीति भी तेज होने के आसार हैं।
नागपुर मनपा में कार्यरत नियमित कर्मचारी, अधिकारी और शिक्षकों को २८ जून २०१९ की मनपा की सभा में सातवां वेतनमान की सिफारिश लागू करने का निर्णय लिया था। २६ जुलाई २०१९ को मनपा ने इस संबंध में परिपत्रक भी जारी किया था। ८ अगस्त २०१९ को सरकार की मान्यता के लिए प्रस्ताव को भेजा गया था, लेकिन सरकार से अब तक इस प्रस्ताव को मान्यता नहीं मिली है। सरकार ने २६ जुलाई को जारी अपने परिपत्रक पर ही स्थगिती लगा दी है। बुधवार को नया परिपत्रक जारी कर मनपा के नियमित कर्मचारी, अधिकारी व शिक्षकों को छठवें वेतनमान अनुसार ही सितंबर में वेतन दिया जानेवाला है।



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