शिक्षक भर्ती प्रक्रिया ‘पवित्र’ पोर्टल के माध्यम से


  • शिक्षक भर्ती प्रक्रिया ‘पवित्र’ पोर्टल के माध्यम से
    शिक्षक भर्ती प्रक्रिया ‘पवित्र’ पोर्टल के माध्यम से
    राज्य सरकार के माध्यम से अब से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया ‘पवित्र’ पोर्टल का उपयोग किया जाएगा...
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राज्य सरकार के माध्यम से अब से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया ‘पवित्र’ पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। ऑनलाइन पारदर्शी तरीके से शिक्षकों की भर्ती होने से शिक्षा के स्तर में भी वृद्धि होगी, ये आशा आज शिक्षा मंत्री विनोद तावडे ने आज विधानसभा में व्यक्त की। राज्य दिलीप वळसे पाटिल ने राज्य में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की अनधिकृत नियुक्ति को रद्द करने के बारे में प्रश्न किया, उसका उत्तर देते हुए श्री तावड़े बोल रहे थे। श्री तावडे ने कहा, उच्च न्यायालय ने ‘पवित्र’ प्रणाली को मंजूरी दे दी है। इस प्रणाली के अन्तर्गत शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में राज्य सरकार उम्मीदवारों की गुणवत्ता के आधार पर स्कूलों में उनकी सिफारिश करेगी। राज्य सरकार द्वारा रिक्त सीटों के लिए अनुशंसित उम्मीदवारों का साक्षात्कार लेकर उनकी नियुक्ति का अधिकार स्कूलों के पास होगा। इससे कुशल शिक्षकों के मिलने से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ने में मदद मिलेगी।

2012 के बाद राज्य भर में स्कूलों में 4 हजार 11 शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति को मंजूरी देने में अनियमितताएं बरतने की जानकारी मिली थी। इनमें से 3,000 शिक्षकों की जांच करने के बाद 600 से अधिक शिक्षकों की मान्यता रद्द कर दी गई है। शेष 1,111 नियुक्तियों पर सुनवाई के बाद निर्णय लेने की प्रक्रिया चल रही है।

श्री तावडे ने कहा, राज्य में शिक्षकों और शिक्षकेत्तर पदों की भर्ती के संदर्भ में, उच्चाधिकारी समिति द्वारा खाका तैयार की गई है और जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कल विधायिका में पारित विधेयक के अनुसार इस भरती की प्रक्रिया में सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित सीटों पर भी कारवाई की जाएगी।

इस चर्चा में सदस्य श्री योगेश सागर, डॉ. सुनील देशमुख, एकनाथ खडसे, एडवोकेट आशीष शेलार, वैभव पिचड, सुभाष पाटिल ने हिस्सा लिया।



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