राज्य में ५० स्कूलों में बस्तों की जांच, शहर में केन्द्रीय विद्यालय सहित कई में मिला अधिक बो


  • राज्य में ५० स्कूलों में बस्तों की जांच, शहर में केन्द्रीय विद्यालय सहित कई में मिला अधिक बो
    राज्य में ५० स्कूलों में बस्तों की जांच, शहर में केन्द्रीय विद्यालय सहित कई में मिला अधिक बो
    आज की शिक्षा के दौरान छात्र के बस्ते का वजन बढ़ने से उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रभाव पड़ रहा है...
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नागपुर : आज की शिक्षा के दौरान छात्र के बस्ते का वजन बढ़ने से उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रभाव पड़ रहा है। इसे कम करने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने कदम उठाए हैं। उम्र के मुकाबले बस्ते का वजन निश्चित कर विविध विषयों के अध्यापन तथा गृहपाठ के संंबंध में मार्गदर्शक नियमावली तैयार की गई है। इसे अमल में लाने के लिए राज्य के ५० स्कूलों में छात्र के बस्ते के वजन की पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं। ख़ास बात यह है की, नागपुर शहर के दो स्कूलों को इसमें शामिल किया गया था। जांच करने पर निजी स्कूल में बस्ते का बोझ कम मिला, किन्तु सरकारी स्कूल में नियम का सरेआम उल्लंघन होते दिखाई दिया है।

सरकार के निर्देशों पर छात्रों के बस्ते के वजन की पड़ताल करने के लिए शिक्षा विस्तार अधिकारी ए.जी. हरडे आैर पोषण आहार विभाग के अधीक्षक गौतम गेडाम की दो सदस्यीय टीम गठित की गई। मरेड रोड स्थित संजुबा हाईस्कूल और अजनी स्थित केंद्रीय विद्यालय में विद्यार्थियों के बस्ते के वजन की पड़ताल की गई। संजुबा हाईस्कूल में स्टूडेंट्स के बस्ते का वजन कम था। स्कूल प्रबंधन की ओर से बस्ते का वजन कम करने के लिए विद्यार्थियों के डेस्क में बॉक्स लगाया गया है। वहीं अजनी स्थित केंद्रीय विद्यालय में बस्ते का वजन कम करने के लिए कोई उपायोजना नहीं है। यहां निश्चित किए गए वजन के मुकाबले औसतन ५०० ग्राम अधिक पाया गया। आगे भी जांच जारी रहेगी।

दो स्कूलों में बस्ते के वजन की पड़ताल की गई। इसमें संजुबा विद्यालय में विद्यार्थियों के बस्ते का वजन नियम पर खरा उतरा। केंद्रीय विद्यालय अजनी में औसतन ५०० ग्राम वजन अधिक पाया गया, जिससे बस्ते के पड़ताल की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।



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