हवाई परिवहन व्यवसाय के लिए पूरक वातावरण नागपूर इस व्यवसाय के लिए हर प्रकार से उपयुक्त


  • हवाई परिवहन व्यवसाय के लिए पूरक वातावरण नागपूर इस व्यवसाय के लिए हर प्रकार से उपयुक्त
    हवाई परिवहन व्यवसाय के लिए पूरक वातावरण नागपूर इस व्यवसाय के लिए हर प्रकार से उपयुक्त
    राज्य में हवाई परिवहन के लिए लगनेवाली बुनियादी सुविधाएं और सरकार की सकारात्मक भूमिका....
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राज्य में हवाई परिवहन के लिए लगनेवाली बुनियादी सुविधाएं और सरकार की सकारात्मक भूमिका इस वजह से उद्योग को बढ़ाने के लिए जरूरी ऐसा पूरक वातावरण है। इसके आलावा व्यवसाय की जरूरतों को देखते हुए जरूरी वह सब सुविधाओं को प्रदान करने के लिए राज्य तैयार है, यह विचार आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन्होंने यहां व्यक्त किए। एअरपोर्ट अथॉरिटी, भारतीय नागरी उड़ान मंत्रालय और फिक्की के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘ग्लोबल एविएशन समिट 2019’ इस कार्यक्रम का आज उद्घाटन किया गया इस अवसर पर वे बोल रहे थे। इस कार्यक्रम को केंद्रीय नागरी हवाई परिवहन मंत्री सुरेश प्रभू, केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत सिन्हा, फिक्की के अध्यक्ष संदीप सोमानी, नागरी उड्डयन विभाग के सचिव आर. एन चौबे, आय सी ए ओ परिषद के अध्यक्ष डॉ. ओलिमुयीवा बेनार्ड अलीयु उपस्थित थे। फडणवीस ने कहा कि, मुंबई का आंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा यह अत्याधुनिक तो है ही, इसके अलावा यह देश का सबसे अच्छा व्यवस्थापन करनेवाला हवाई अड्डा भी है। इस हवाई अड्डे पर अब तक लगभग 3 लाख से भी अधिक विमानों ने उड़ाने भरी हैं। नई मुंबई हवाई अड्डे का कार्य सन 2020 तक पूरा होगा, इसके कारण जीडीपी में एक प्रतिशत की वृद्धि होनेवाली है। पुणे में नया आंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तैयार हो रहा है। शिर्डी का हवाई अड्डा तैयार हुआ है। नागपूर में आंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है।

नागपूर यह नागरी हवाई क्षेत्र का नया डेस्टिनेशन होनेवाला है। यहां पर कार्गो सुविधा, लॉजिस्टिक व्यवस्थापन और डिफेंस के जैसे अभियानों के कारण नागपूर शहर उपयुक्त ठहर रहा है। नागपूर मेंटेनेंस, रिपेयरिंग और देखरेख दुरूस्त सेवा देनेवाला (एम आर ओ) हवाई अड्डा है। नागपूर शहर देश के कोई भी मेट्रो शहर के एक घंटे के हवाई यात्रा के अंतर पर है। नागपूर को जोड़नेवाले रेल और रास्तों के जाल साथ ही साथ इसकी भौगोलिक स्थिति के कारण व्यवसाय वृद्धि के लिए बहुत ही उपयुक्त है। इस परिषद को आए हुए 83 देशों के प्रतिनिधियों ने अगर इच्छा जताई तो नागपूर को भेंट देने का नियोजन किया जाएगा। सभी एकबार नागपूर आयें, यह निमंत्रण भी इस समय मुख्यमंत्री ने दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन्होंने दिखाया हुआ ‘हर व्यक्ति के लिए उड़ान’ इस सपने की ओर अग्रेसर होनेवाली ‘उड़ान’ यह योजना है। सभी आम लोगों को हवाई यात्रा करने को मिले इस हेतु लगनेवाली व्यवस्था और नियोजन करने के लिए इस समिट में चर्चा होनेवाली है। इसलिए इस समिट की थीम ‘फ्लाइंग फॉर अॉल’ के लिए प्रयास करना अधिक सुलभ होनेवाला है।

फ्लाइंग फॉर अॉल – सुरेश प्रभू

एविएशन ग्लोबल समिट यह विश्व के उड़ान क्षेत्र के व्यक्तियों को एकसाथ लाने का प्रयास है। इस तरह की यह पहली ही परिषद आयोजित की गई है। इस परिषद की थीम ‘फ्लाइंग फॉर अॉल’ यह है ईसे श्री प्रभू इन्होंने बताया। उन्होंने कहा कि, दो दिन चलनेवाले इस परिषद में कृषि और संरक्षण क्षेत्र के लिए उपयुक्त ठहरनेवाली ड्रोन पॉलिसी,रोड मैप फॉर मॅन्युफॅक्चरिंग एअर क्राफ्टस, पॉलिसी फॉर वॉटर ड्रोन, उडान, ‘डिजी यात्रा’, नागपूर ग्लोबल हब, स्किलींग, एअर कार्गो पॉलिसी, लॉजिस्टिक पॉलिसी इस संदर्भ में विस्तृत चर्चा होनेवाली है। इस चर्चा से आगे का नियोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संस्तुति करते हुए उन्होंने राज्य के प्रगति के लिए कम समय में उचित कार्य किया है यह गौरवान्वित बोल श्री. प्रभू इन्होंने व्यक्त किए।

फिक्की के संदीप सोमानी इन्होंने अपनी प्रस्तावना में कहा, आगे के छह बिलियन लोगों के लिए फ्लाइट फॉर अॉल इस थीम पर अधारित समिट आयोजित किया गया है। सन 2020 तक तीसरे बड़े उड़ान क्षेत्र का मानांकन बनने आदर हमारे देश को मिलनेवाला है। 1200 प्रतिनिधि, 83 देश 35 स्टॉल्स इस परिषद में शामिल हुए हैं। भारत की एविएशन इंडस्ट्री में 2 लाख करोड़ आकार का व्यवसाय है। टेलीकॉम अथवा रेल के साथ-साथ इस व्यवसाय की पूंजी लागत है।

नागरी उड्डयन सचिव श्री. चौबे ने कहा कि, सबसे ज्यादा प्रगति करनेवाला क्षेत्र हवाई परिवहन है। इस तरह की यह पहली परिषद हो रही है। देश में एक हजार नये विमानों की लागत हो रही है। 100 हवाई अड्डे तैयार हो रहे हैं। हवाई चप्पल पहननेवाले व्यक्ति को भी हवाई यात्रा करना आसान हो यह उद्देश्य है। पूरे विश्व के लिए भारत देश हवाई यात्रा का केंद्र रहनेवाला है। पिछले कुछ सालों में 4.6 प्रतिशत यात्रियों का परिवहन बढ़ा है।

डॉ. ओलिमुयीवा बेनार्ड अलीयु इन्होंने कहा कि, आंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय एविएशन क्षेत्र के बढ़ने की प्रसंशा हो रही है। इस तरह का समिट लेने से वैश्विक स्तर के लोगों को एकसाथ चर्चा करना संभव हुआ है। जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान देनेवाला यह क्षेत्र है। 2020 तक हवाई परिवहन क्षेत्र में भारत की स्थिति वैश्विक स्तर पर निश्चित ही बेहतर होगी यह विश्वास भी उन्होंने व्यक्त किया। इस अवसर पर व्हिजन 2040 का अनावरण उपस्थित मान्यवरों के हाथों किया गया। राज्यमंत्री सिन्हा इन्होंने आभार प्रकट किए।



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