कस्तूरचंद पार्क : किया जा रहा तेज गति से विकास तो कही रखरखाव पर नहीं है ध्यान

February 13,2020

 उपराजधानी के ऐतिहासिक कस्तूरचंद पार्क का विकास कर चेहरा - मोहरा बदलने का काम चल रहा है

नागपुर : उपराजधानी के ऐतिहासिक कस्तूरचंद पार्क का विकास कर चेहरा - मोहरा बदलने का काम चल रहा है। मेट्रो रेल और नागपुर महानगर पालिका की योजनाओ के अनुसार पार्क का कायाकल्प किया जा रहा है। बता दे कस्तूरचंद पार्क पर वॉकिंग ट्रैक, साइकिल ट्रैक, फ़ूड स्ट्रीट, खुला मंच, लैंडस्केपिंग, ग्रीन जीम, पानी के रंगीन फवारे, मनोरंजन के सभी साधन उपलब्द्ध किये जाएंगे। वही दूसरी ओर वर्तमान में इसी पार्क पर कुछ लोगो ने अपना डेरा जमाया है। पार्क के आजुबाजु स्थित लगी तोपे का इस्तेमाल कपडे सुखाने के लिए किया जा रहा है, तो पार्क में चूल्हा जलाकर खाना बनाते हुवे लोग नजर आते है। पार्क का विकास तो किया जा रहा है किन्तु दूसरी तरफ उसके रखरखाव पर किसी का ध्यान नहीं है । पता हो एक समय था जब इस पार्क का उपयोग खेल गतिविधिया संचालित करने के लिए किया जाता था, तो कभी समय के साथ राजनैतिक कार्यक्रमों के लिए उपयोग में लिया जाता था। इस पार्क पर कई राजनेताओ के भाषण हुवे है, जिसमे पूर्व प्रधानमन्त्री स्व अटल बिहारी बाजपेयी, से लेकर वर्तमान प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी शामिल है। इसके अलावा पार्क पर कई भव्य प्रदर्शनिया लगायी जाती थी, जिसके लिए पार्क पर पंडाल के लिए गढ्ढे किये जाते थे। इन कारणों से पार्क की हालत बिगड़ती जा रही थी। किन्तु कुछ जागरूक नागरिको ने इस ओर ध्यान दिया जिसके चलते उच्च न्यायालय ने करीबन तीन साल पहले पार्क में सार्वजनिक आयोजनों पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद यहाँ किसी तरह का आयोजन नहीं किया गया है। पार्क के सौंदर्यीकरण का काम तेज गति से किया जा रहा है। ब्रिटिश काल में पार्क की जमीन कस्तूरचंद डागा ने दान में दी थी इसीलिए इस पार्क को  "कस्तूरचंद पार्क" यह नाम दिया गया है।