मरीज आईसीयू में भर्ती होने पर भी परिवार को दी मौत की खबर : मेडिकल में लापरवाही का मामला

August 08,2020

नागपुर : शहर में कोरोना से संक्रमण के मामलों में अब बढ़ोत्तरी होने के साथ ही शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेडिकल) में बड़ी लापरवाही होने का मामला सामने आया है। मामला है आईसीयू में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीज के मरने की खबर परिवार को दे दी गई, जिससे परिजन अस्पताल पहुंचे। वहा पहुंचते ही शव को देख उन्हें शंका हुई। उन्होंने मरीज की लंबाई को लेकर सवाल खड़े किए। इसके बाद मृतक मरीज का चेहरा देखा तो पता चला वह उनके मरीज का वह शव नहीं है। इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। जिसके बाद उनके मरीज की खोज-खबर शुरू की गई तब जानकारी हुई कि उनका मरीज फिलहाल आईसीयू-3 में भर्ती है।
प्राप्त सूत्रों के अनुसार ताजबाग निवासी 62 वर्षीय मरीज को बीते कुछ दिनों संक्रमित होने की जानकारी मिली। इसके बाद उसे मेडिकल में भर्ती किया गया। गुरुवार को मेडिकल से सुबह 4 बजे परिवार को फोन किया गया। कहा गया कि उनके मरीज की मौत हो गई है। यही सूचना सुबह 10 बजे पुलिस और मनपा ने भी परिजनों को दी। दुखी मन से परिवारवाले शव लेने मेडिकल पहुंचे। शव को उन्होंने देखा तो उसकी लंबाई कम होने पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि उनके परिजन की लंबाई ज्यादा है। शव का चेहरा देखा तो हकीकत सामने आई।इसके बाद वहा परिवार के लोगो ने हंगामा किया तब अस्पताल प्रशासन ने मरीज को ढूंढना आरंभ किया। इस दरम्यान पता चला कि उनका मरीज आईसीयू-3 में भर्ती है। इस मामले से परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया।
वही दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि मरीज की फाइल गुम हो गई थी। दूसरे मरीज की फाइल सामने आने से यह परेशानी आई। वही परिवार के अनुसार यदि हमें लंबाई देखकर शंका नहीं होती तो शायद हम दूसरे के शव को दफना देते। वैसे भी कोरोना के कारण शव को खोलकर नहीं दिखाया जाता है।
इस मामले में मेडिकल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अविनाश गावंडे ने कहा है की, किसी को परेशानी न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जाता है I
हंगामा होने के बाद मैं स्वयं वहां गया था। हमलोग पूरी सावधानी बरतते हैं। अस्पताल में ऐसी गलती फिर न हो, आगे इसका ख्याल रखा जाएगा।