किसानो को मिलेंगे ऑनलाइन खरीददार, मार्केट मिरची डॉट कॉम वेबसाइटपर सुविधा उपलब्ध

July 28,2020

नागपुर : २८ जुलाई -  कोरोना महामारी के कारण लागू लॉकडाउन से सभी व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है. भले ही सरकार और प्रशासन ने जीवनावश्यक वस्तूओं पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं लगाई हो लेकिन ग्रामिण क्षेत्र के किसान और अन्य व्यापारी अपने प्रोडक्ट एवं फसल मार्केट में नहीं ला पा रहे है. यही कारण है की उन्हें आर्थिक संकट से जुंझना पड रहा है. इस मुश्किल दौर में किसानों के लिए ‘मेरा मोबाइल मेरा मार्केटिंग’ यह उपक्रम  एक वरदान  के रूप में सामने आया है. वेबसाइट के माध्यम से किसान घर बैठे अपना माल देश में किसी भी कोने में किसी भी व्यक्ति को बेच एवं खरिद सकता है. आधुनिक तकनीक का उपयोग कर किसानों के लिए एक डिजिटल प्लेटफार्म उपलब्ध कराया गया.

निशुल्क विज्ञापन की सुविधा

मार्केट मिरची डॉट कॉम यह वेबसाइट का  निर्माण राजीव गांधी विज्ञान और तकनीकी आयोग की सलाहगार प्रगती गोखले ने वर्ष 2016 में किया. किसानों को अक्सर उनकी फसल का योग्य दाम नहीं मिल पाता है. किसानों से कम दामों में माल लेने के बाद बिचौले उसे व्यापारियों को ज्यादा दाम में बेचा जाता है. यही कारण है कि आम नागरिक को सब्जी, भाजी व ग्रामिण क्षेत्रों में निर्माण होने वाले अनेक प्रोडक्ट महंगे दाम में मिलते है. पूरा मुनाफा बिचौले ले जाते है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. इस प्लेटफार्म पर किसान और व्यापारी बिना किसी बाधा के एक दूसरे से सिधे व्यापार कर सकते है. किसान स्वयम अपने उत्पाद का खरिददार धुंड सकता है. विशेष तौर पर इस प्लेटफार्म को किसान, कृषी उद्योजक और गचत गट के लिए उपलब्ध कराया गया है. यहां बिना किसी शुल्क के उत्पाद की खरीदी बिक्री की जा सकती है. खास बात यह है कि किसान अपना प्रोटक्ट बेचने के लिए वेबसाइट पर निशुल्क विज्ञापन दे सकता है. इसके लिए उसे किसी को भी कोई पैसे नहीं देने होगे. साथ ही 4 से 5 किसान एक साथ मिलकर भी व्यापारी को माल बेच सकते है. 

14,000 से अधिक ने उठाया लाभ

बतादें की 14,000 से अधिक किसान वेबसाइट पर पंजीकरण कर चुके है. इस पर कृषी उत्पादनों संबंधित कुल 26 कैटेगिरिंज दी गई है. इसके माध्यम से अनाज, दाल, सब्जी भाजी, वनौषधी, दुग्धोत्पादन, धान, फल आदि फसल की  बिक्री की जा सकती है. एक बार पंजीकरण करने के बाद जैसे की कोई व्यक्ति इस पर विज्ञापन डालता है. उसे प्रोडक्ट संबंधित खरिदारों की सूली की एक लिंक मोबाइल पर मिल जाती है. देश की विभिन्न भाषाओं के साथ वेबसाइट को लॉन्च किया गया है. देश के अलावा नेपाल, श्रीलंका और युक्रेन में भी सुविधा का लाभ उठाया जा रहा है. किसानों को वेबसाइट उपयोग करने में कोई परेशानी न हो इसलिए एमकेसीएल की ओर से एक वीड़ियो जारी किया गया है. 

ग्रामीण युवाओं को मिल रहा रोजगार

प्रगती गोखले ने बताया कि मार्च माह से लॉकडाउन के समयावधी में किसानों ने इस मार्किट मिरची डॉट कॉम वेबसाइट के माध्यम से काफी मात्रा में व्यापार किया गया है. इसमें ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार का अवसर भी दिया गया है. युवओं को रोजगार देने के लिए कृषी संबंधित बड़ी कम्पनियों से टायअप किया गया है. केवल महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि केरल, उत्तराखंड के साथ अन्य राज्यों के किसान भी डिजिटल प्लेटफार्म का लाभ उठा रहे है. राजीव गांधी विज्ञान और तकनीकि आयोग के संचालक अनिल काकोडकर और एमकेसीएल के संचालक विवेक सावंत ने इस अभियान को आगे बढाने में भरपुर सहयोग किया. इसमें खास बात यह है कि मोबाइल पर वेबसाइट का उपयोग करने के किसी भी प्रकार का ऍप डाऊनलोड करने की कोई आवश्कता नहीं है. किसी भी प्रकार की समस्या होने पर किसान और व्यापारी 9822719618 इस मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते है.