महावीर इंटनेशनल सर्विस ट्रस्ट का महाशिबीर १ मार्च से : मुख्य न्यायाधीश शरद बोबडे मुख्य अति

February 25,2020

देश के मुख्य न्यायाधीश शरद बोबडे १ मार्च को नागपुर में दिव्यांगों से सीधे रूबरू होंगे

नागपुर : देश के मुख्य न्यायाधीश शरद बोबडे १ मार्च को नागपुर में दिव्यांगों से सीधे रूबरू होंगे। शहर में १ से ७ मार्च के दरम्यान महावीर इंटनेशनल सर्विस ट्रस्ट और राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण, महाराष्ट्र विधि सेवा प्राधिकरण के सयुक्त तत्वाधान में आयोजित सात दिवसीय शिबीर में राज्यभर के १७०० से अधिक दिव्यांगों को कृत्रिम अंग लगाए जाएंगे। बता दे यह कृत्रिम अंग भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के स्तर पर उपलब्ध कराये जा रहे है।
१ मार्च को शहर के सिविल लाइंस स्थित एम्एलए हॉस्टल में सुबह ११ बजे इस शिबीर का उट्घाटन किया जाएगा। इस शिबीर में कुल १७०० दिव्यांगों का चयन किया गया है, अगर सेवा पानेवालों की संख्या बढ़ती है तो आनेवाले कुछ ही दिनों में उन दिव्यांगों को कृत्रिम अंग निशुल्कं लगाए जाएंगे। इसके लिए दिव्यांगों को अपने जिला न्यायालय के जिला विधि सेवा प्राधिकरण कार्यालय में संपर्क करना अनिवार्य है। नागपुर जिला विधि सेवा प्राधिकरण सचिव अभिजीत देशमुख के अनुसार कार्यक्रम के लिए फोन पर संपर्क किया जा सकता है। जिसके लिए आवेदकों को पहचान पत्र और आवेदन व्हाट्सएप नंबर ७५८८५१३५४५, ९२२६२३८८८५, ९४२२०२२५०, ९६६५१५२०१५, ७०२००३४२४० और ९४२३६३२७९२ पर भी संपर्क कर दे सकते है। उट्घाटन समारोह में न्यायमूर्ति शरद बोबडे सहित सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति भूषण गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्या एस रवींद्र भट भी उपस्थित रहेंगे। शिबीर के पहले दिन करीबन १०० दिव्यांगों को कृत्रिम अंग निशुल्कं लगाए जाएंगे। जिसके बाद न्यायाधीश बोबडे और अन्य न्यायाधीश दिव्यांगों से सीधे बातचीत करेंगे। इस महाशिबीर में दिव्यांगों को जयपुर फुट, व्हीलचेयर, बैसाखिया, ट्रायसायकिल, वाकिंग स्टिक, क्लचर आदि उपकरण वितरित किये जाएंगे। बता दे महावीर इंटनेशनल सर्विस ट्रस्ट सेवा कार्य का यह २५ वा वर्ष है, और एक साल में ट्रस्ट की ओर से दिव्यांगों को करीबन ३ हजार से अधिक जयपुर फुट लगाए जाते है। यह जानकारी महावीर इंटनेशनल सर्विस ट्रस्ट की अध्यक्षा मधु सारडा ने पत्रकार परिषद् में दी। इस मौके पर अर्चना झवेरी, उमेश पाटनी, अभिजीत देशमुख, अतुल कोटेचा, ट्रस्ट के सचिव, भारत पारेख, सुनीता सुराणा और बॉम्बे हायकोर्ट की नागपुर खंडपीठ की प्रशासनिक रजिस्ट्रार अंजू शेंडे उपस्थित थे।